नये वर्ष पर नूतन चिन्तन 2024

डा० जी० भक्त

बीता वर्ष यह मास दिसम्बर।
नये वर्ष का आया नम्बर।।
दो हजार चौबीस सामने ।
नव संकल्प को चला थामने ।।
एक महीना समय बचा है।
बच्चों में उत्साह जगा है।।
सबके मन में उमड़ा हर्ष।
आने बाला है नव वर्ष ।।
नयी आशा का कर संचार।
नई बहाली में जो शिक्षक।
और चाक चट्टी पर मीटिंग ।।
छात्रो ने मिल किया विचार ।।
शिक्षा में सुधार है लाना।
हाजिर रहना है रोजाना।
सजग हो गयी है सरकार ।
देखो शिक्षक की भरमार ।।
लापरवाही नहीं चलेगी।
हर कक्षा में भीर लगेगी ।।
जितने वीक्षक और परीक्षक ।।
गुणवत्ता से हैं भरपूर।
सुनते है वे है मशहूर ।।
वर्षों तक झेली बेकारी।
शिक्षक बने पूर्ण सरकारी ।।
नयी मैडम जो आयी है।
सबने हमें बतायी है।।
नहीं चलेगी लफ्फा सूटिंग।

काव्यकार-डब्लू-बबलू
कक्षा-गोल गप्पा काउण्टर

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