क्या देश, क्या विदेश
सुलभ संदेश क्या देश, क्या विदेश डा० जी० भक्त आज के बच्चों युवा सुन लो, कहानी हिन्द की तू।जिसकी गरिमा खो चूकी सदियों गुलामी की लपट छू।।अब हिन्द की धरती…
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सुलभ संदेश क्या देश, क्या विदेश डा० जी० भक्त आज के बच्चों युवा सुन लो, कहानी हिन्द की तू।जिसकी गरिमा खो चूकी सदियों गुलामी की लपट छू।।अब हिन्द की धरती…
(सुलभ संदेश) सुनो जी भैया भारत है यह डा० जी० भक्त हम पूरब पश्चिम नहीं जानते,विजयी विश्व हमारा है।जहाँ हिमालय हिम गिरि शोभित,तीन ओर से सागर है।।1।। गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र…
हम लड़ते नही लड़ाते है, डरते नही डराते हैं। डा० जी० भक्त जब से है धरती गगन नदी सागर और वनस्पति ।तब से बादल मौनसून के हरित खेत से तृप्त…
होली आयी डा० जी० भक्त निकल पड़ी है बोली, बच्चों मैं यही ठिठोली।अरे, कैसी रही वह होली, कही गोली तो नही चली ।।वैसी कुछ भी नही, लेकिन कुछ तो सही।वह…
श्रद्धांजलि सुमन पूज्य बापू की डा० जी० भक्ता जनवरी उन्नीस सौ अड़तालिस।जीवन दातृ वही, नही अप्रत्यासित ।।उनका जीवन जो सव दिन से रहा समर्पित ।दुनियाँ को उनकी ऊर्जा है अर्पित…
क्या जनतंत्र क्या गणतंत्र, हम है स्वतंत्र डा० जी० भक्त जनतंत्र या गणतंत्र, परतंत्र नही हम है,सदा स्वतंत्र है मानव, मन के जानते मर्म हैसुख-दुख में एक साथ काटते है…