होली आयी

होली आयी डा० जी० भक्त निकल पड़ी है बोली, बच्चों मैं यही ठिठोली।अरे, कैसी रही वह होली, कही गोली तो नही चली ।।वैसी कुछ भी नही, लेकिन कुछ तो सही।वह…

श्रद्धांजलि सुमन पूज्य बापू की

श्रद्धांजलि सुमन पूज्य बापू की डा० जी० भक्ता जनवरी उन्नीस सौ अड़तालिस।जीवन दातृ वही, नही अप्रत्यासित ।।उनका जीवन जो सव दिन से रहा समर्पित ।दुनियाँ को उनकी ऊर्जा है अर्पित…

क्या जनतंत्र क्या गणतंत्र, हम है स्वतंत्र

क्या जनतंत्र क्या गणतंत्र, हम है स्वतंत्र डा० जी० भक्त जनतंत्र या गणतंत्र, परतंत्र नही हम है,सदा स्वतंत्र है मानव, मन के जानते मर्म हैसुख-दुख में एक साथ काटते है…

सारदौत्यव (वसन्त पंचमी) के अवसर पर विनम्र अर्चना

सारदौत्यव (वसन्त पंचमी) के अवसर पर विनम्र अर्चना डा० जी० भक्त हे शारदा ! हे सरस्वती !! हे भगवती, भारती नमस्तुते।तेरी महिमा है अपार हे विद्यादायिनी पुस्तक हस्ते ।।जग को…