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MY XITIZ POETRY | Page 6 of 48 | Poets Community

होली आयी रे !

होली आयी रे ! डा० जी० भक्त होली आई रे होली आयी।हर घर में बजी बधाई ।।यह है बसंत का मौसम।हर खेतों में हरियाली।।लगती है कितनी सुन्दर।रब्बी की फसल निराले…

सेवा का श्रेय, नेतृत्व का ध्येय, कदापि नदी प्रेय

सेवा का श्रेय, नेतृत्व का ध्येय, कदापि नदी प्रेय डा० जी० भक्त हे राम ! तेरी जय हो, संसार सदा निर्भय हो।रावण के वंशज को तूने ही नाश किये हो।।उससे…

सृष्टि के विविध विधान देख मत हो हैरान

सृष्टि के विविध विधान देख मत हो हैरान डा० जी० भक्त सृष्टि में प्रकृति के विविध विधान हैं।विविध आयाम, प्रमाण और पहचान है।।हर युग में राम रावण कृष्ण और कंस…

नये वर्ष पर नूतन चिन्तन 2024

नये वर्ष पर नूतन चिन्तन 2024 डा० जी० भक्त बीता वर्ष यह मास दिसम्बर।नये वर्ष का आया नम्बर।।दो हजार चौबीस सामने ।नव संकल्प को चला थामने ।।एक महीना समय बचा…

धर्म प्रधान से स्वांग महान तक, आज के पर्व त्योहार और हम

धर्म प्रधान से स्वांग महान तक, आज के पर्व त्योहार और हम डा० जी० भक्त संकटापन्न जब आज विश्व है, और मनाते हम त्योहार ।युद्ध की ज्वाला धधक रही, फिर…

विजया दशमी, अब तक दुनियाँ, न समझी न सम्हली

विजया दशमी, अब तक दुनियाँ, न समझी न सम्हली डॉ० जी० भक्ता हे देवि ! तू तो लड़ी तलवार कृपाण भाला से ।मैं लड़ता हूँ पूष्प और माला से ।।बापू…