विज्ञान

धरती के धरातल पर आकर , विज्ञान ने कब्जा कर डाला ।
वरदान बना दुनियाँ के लिये , समाधान जगत का कर डाला ।।
जीवन की जरुरत पूरी की , नजदीक समय और दूरी को ।
आसान बना दी इसने सभी लोगों की हर मजबूरी को । ।
ये कल कारखाने यान बने , वायुयान बने , जलयान बने ।
हर यंत्र बने संयंत्र बने , प्रचंड उपग्रह तंत्र बने । ।
धरती से गगन तक मानव ने अपना साम्राज्य जमा डाला ।
वरदान बना दुनिया के लिये , समाधान जगत को कर डाला ।।
ये ऑटोमेटिक पड़ियाँ है , रोबोट कम्प्युटर बढियाँ है ।
टेलिविजन का क्या कहना , घर – घर में सारी दुनियाँ है ।।
ये बिजलो है क्या चिज बड़ी , बेतार खबर संचार करे ।
यह माइकोफोन करिश्मा है जो दुनियाँ को घरद्वार करे । ।

रॉकेट , पनडुब्बी को देखो , दुश्मन का सफाया कर डाला ।
वरदान- – – – – के लिये समाधान जगत का कर डाला । ।
ये बड़े – बड़े जो पुल बने , उन पर ये लम्बी रेल चले ।
लेशर किरणें अल्ट्रासोनिक क्या सोचा था हमने पहले । ।
यह जादू है जो जनमन को , उत्थान का राह दिखता है ।
यह दवा बनी हर मों की जिसपर जग निर्भर करता है ।
उन जीवनमयी किरणो ने आ , दुनिया को उजाला कर डाला ।
वरदान – – – – – – – – के लिये समाधान – – – – – – – कर डाला ।
हर युग विज्ञान का वृणी है , जैसे चाय में चीनी है ।
हर बूंद – बूंद हर रोम – रोम , विज्ञान की रश्मि भीनी है । ।
हर वैद्य दवाई में है यही , साबुन और सलाई में है यही । ।
होते जगते , जीते मरते , जीवन से जुड़ा दिखता है यहो । ।
यह रीशन है अर्पित उसको , जो गौरव ऊँचा कर डाला । ।
वरदान- – – के लिये । समाधान  – – कर डाला । ।
समाधान – – – कर डाला । समाधान  – – – – कर डाला ।

डॉ0 जी भक्त,

2 thoughts on “विज्ञान , धरती के धरातल पर आकर,विज्ञान ने कब्जा कर डाला ।”

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