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MY XITIZ POETRY | Page 38 of 48 | Poets Community

गरीब और मजदूर , पढ़ लिख कर, पुलिस या डॉक्टर, तो नही बन पाया ।

गरीब और मजदूर 1:-सियासी असूल में, जो आग लगती हैं। पर उसमें अक्सर, गरीब ही जलाते हैं। जहां से कभी, हम चले थे। आज भी वही, खड़े हो गये ।…

शाहजहां तेरी मोहब्बत छोटी , पड़ गई इसके आगे,बेवफ़ा निकले वो,शहर जिनके लिए,मजदूरों ने जान लगा दी, साहब।

शाहजहां तेरी मोहब्बत छोटी, पड़ गई इसके आगे। 1:- शाहजहां तेरी मोहब्बत छोटी, पड़ गई इसके आगे। दिल्ली से आंशिक को पैदल, कांधे पर लाने के आगे। मजदूर था, वो…

कोरोना का क्रन्दन , बढ़ी विपदा जब धरती पर हुआ देवगण का अवतार ।

कोरोना का क्रन्दन बढ़ी विपदा जब धरती पर हुआ देवगण का अवतार । बढ़ा पाप तो आया दुर्दिन , फैला जग में अत्याचार ।। यही परम्परा बन कर रह गयी…

Lockdown , तुमने पहली बार किया है‬, ‪मैंने तो सदा से ही‬, ‪लॉकडाउन जिया हूं। ‪ #stayhome #staysafe.

Lockdown ‪2. तुमने पहली बार किया है‬, ‪मैंने तो सदा से ही‬, ‪लॉकडाउन जिया हूं। ‪मुझे रत्ती भर फरक नहीं पड़ता‬, ‪कौन-सा होटल बंद‬, ‪कौन-सा बाजार खुला है‬। ‪मेरे लिए…

मैं तेरा हूँ , मैं तेरा हूँ, तु मेरी है, समझाऊँ कैसे, दुनिया करे हज़ार सवाल अपने मोहब्बत को बचाऊ कैसे।

1:- मैं तेरा हूँ , तु मेरी है , समझाऊँ कैसे , दुनिया करे, हज़ार सवाल, अपने मोहब्बत, को बचाऊ कैसे। 2:- अपना हिस्सा मांग कर देखे, सारे रिश्ते बेनकाब…