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MY XITIZ POETRY | Page 3 of 48 | Poets Community

प्रेम पिपासा, की प्रत्याशा ऑपरेशन सिन्दूर

प्रेम पिपासा, की प्रत्याशा ऑपरेशन सिन्दूर प्रेम उगता भाव बनकर जब दिलों में स्नेह सिंचित।चेहरे पर चमक मन में हास और उल्लास विकसित ।।नेत्र ज्योति चाहती पलकों में किंचित थाम…

गणतंत्र दिवस, सत्सव के साथ चुनौती भी

गणतंत्र दिवस, सत्सव के साथ चुनौती भी डा० जी० भक्त सदा मनाते है पर्वोत्सव, गणतंत्र को करते याद।रही संस्कृति सदा देश की इसमें कोई नहीं विवाद ।।लेकिन हम मानव कहलाते…

शिव पार्वती पूजन

शिव पार्वती पूजन डा० जी० भक्त आज तिथि त्रयोदशी, फाल्गुण कृष्णा पक्ष मधुमस्त ।पुण्योत्सव बुधवार दिवस बन पूर्ण करे दाम्पत्य मनोरथ ।।रही परम्परा भारत की त्योहार बनी कल्याण कारिणी।शिव पार्वती…

त्योहार और मानव के व्यवहार छठ व्रत चैत्र मासीय

त्योहार और मानव के व्यवहार छठ व्रत चैत्र मासीय डा० जी० भक्त है विख्यात भारत की धरती सदा धर्म से सिंचित ।फलती और विहसती सब दिन पर्वों की जो प्रथा…

हमारे पर्व त्योहार

हमारे पर्व त्योहार डा० जी० भक्त सामाजिक सरोकार, जन समाहार।होली है हमारा हार्दिक उद्‌गार।।क्यों न मनाएँ हम आज होली।देखों सर्वत्र जुटी और की होली।।बच्चे और बृद्ध, नर नारियों की बोली।कितनी…