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MY XITIZ POETRY | Page 13 of 48 | Poets Community

कितने अपने से लगते हो तुम

कितने अपने से लगते हो तुम बिपिन कुमार (पटना, बिहार) कितने अपने से लगते हो तुमजबकि जालिम दुनिया की नजरों मेंकितना जुदा मुझसे रहते हो तुम ।न मिलना एक पल…

मुझे मत मारो, मुझे मत मारो पापा, मेरा कुसूर तो बता दो पापा ।

मुझे मत मारो नीती यादव (सारण, बिहार) मुझे मत मारो पापा, मेरा कुसूर तो बता दो पापा ।। क्या हक नही मुझे इस धरती पर आने का ? मेरा क्या…

आज जब स्वपन में आओ तो थोड़ा ठहर के जाना

आज जब स्वपन में आओ तो थोड़ा ठहर के जाना भूपाल सिंह फौजदार (भरतपुर, राजस्थान) आज जब स्वपन में आओ तो थोड़ा ठहर के जाना ।तुमसे तुम्हारी एक शिकायत करनी…