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MY XITIZ POETRY | Page 44 of 48 | Poets Community

जिंदगी में कुछ करते जाओं

जिंदगी में कुछ करते जाओं क्षितिज उपाध्याय “किशोर” मकसद खास होना चाहिए, जिंदगी जीने का, यारों। भरोसा मत करना, खुद से ज्यादा किसी पर, यारों। क्योंकि अंधेरें में परछाई भी…

रंग बदलती दुनिया

रंग बदलती दुनिया क्षितिज उपाध्याय “किशोर” इस रंग बदलती दुनिया, इंसान की नियत ठीक नही। क़भी वों देवता या फिर, कभी शैतान होता हैं। रंग बदलता गिरगिट-सा, अजब का वह…