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कृष्ण जन्माष्टमी | MY XITIZ POETRY

कृष्ण जन्माष्टमी

डा० जी० भक्त

बच्चों ! क्या तूने अपना जन्मोत्सव मनाया है ?
अथवा किसी मित्र की जन्म तिथि पर भाग लिया है ??

जन्मदिन सबके लिए सुखदायक आनंद वर्द्धक है।
सृष्टि की परम्परा में उत्साह का प्रवर्त्तक है।।

आज घर-घर म जन्मदिन पर त्योहार मनता है।
नवजात शिशुओं के लिये तो आवश्यक लगता है।।

बालकों किशोरों के लिए जन्मदिन त्योहार है।
अधेर और वृद्धों की उम्र की यादगार है।।

जब हम पर्वों को मनाकर हषित होते हैं।
वैसे ही अपने परिवार के प्रति संजीवन पाते हैं।।

मथुरा, वृन्दावन और द्वारिका की तरह।
वैसे हो भारत की भूमि पर हर जगह ।।

कृष्णाष्टमी को महोत्सव का रुप दिया हमने ।
भावपद के अन्धेरे को घर रौशन किया सबने ।।

नन्द के लाल जो कमाल किये रण में।
महाभारत के युद्ध का नेतृत्व किया तन-मन से ।।

आओ मेरे लाल मालो-माल करो देश को।
कि धरती पर जीवन को हो त्योहार बना दो भारत को ।।