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मेरा बिहार , धरती का उपहार है न्यारा, है सुन्दर बिहार हमारा । | MY XITIZ POETRY
मेरा बिहार My Bihar hindi poems poetry kavita balkvita बिहार दिवस Happy Bihar Diwas 22 March Dr. G. Bhakta Xitiz kshitij Upadhyay Kishor

 मेरा बिहार

 धरती का उपहार है न्यारा ।

 है सुन्दर बिहार हमारा ।।

 शहर तीर्थ उसके है प्राण ,

 वैभव से है भरा खदान ।

 धरती जिसकी स्वर्ण उगलती ,

 अन्न से भरा खेत खलिहान ।।

 गंगा का पानी पवित्र है ,

 इसका है इतिहास निराला ।

 पुरा तत्त्व साक्षी है जिसका ,

 महावीर बुद्ध ने पाला ।।

 वैशाली गाती है गाथा ,

 जहाँ टेकती दुनियाँ माथा ।

 यही जगत को ज्ञान दिया है ,

 सत्य , अहिंसा , प्रेम , दया का ।।

 आज हमें एहसास हो रहा ,

 बहुमूल्य है यह उपहार ।

 सदा रहे संकल्प हमारा ,

 सबसे सुन्दर बने बिहार ।।

विश्व को प्रथम गणराज्य , अहिंसा , सद्भाव , करुणा और प्रेम का संदेश देने वाली ज्ञान और संघर्ष की भूमि बिहार के स्थापना दिवस पर आप सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ।