वर्षा Rain rainy season hindi poems poetry kavita balkvita Dr. Bhakta Xitiz

 वर्षा

 आसमान में बादल छाया ।

 देख सभी का मन हर्षाया ।।

 काले – काले बादल छाये ।

 मीठे – मीठे जल बरसाये ।।

 बिजली चमकी , बादल गरजा ।

 भाग घर में डरकर लड़का ।।

 गरमी भागी , बरसा पानी ।

 खेतों में फैली हरियाली ।।

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 भींग रहा है बैल बेचारा ।

 खुशी मनाता मेंढ़क सारा ।।

 देखो , प्यारे बच्चे आते ।

 छाता ले विद्यालय जाते ।।

 आज न सूरज दिखा दिन में ।

 पैर डूबता है जमीन में ।।

 उगा सूर्य जब आसमान में ।

 इन्द्रधनुष था आन – शान में ।।

One thought on “वर्षा , आसमान में बादल छाया, देख सभी का मन हर्षाया ।”

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