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बड़ी अजीब-सी है, ये जिंदगी, कविता; बड़ी अजीब-सी है, ये जिंदगी। | MY XITIZ POETRY

बड़ी अजीब-सी है, ये जिंदगी।

बड़ी अजीब-सी है, ये जिंदगी।

जो चाहा कभी पाया नहीं,

जो पाया कभी सोच नही,

और जो सोचा कभी मिला नही,

और जो मिला कभी रास आया नहीं,

जो खोया हुआ है, वह याद आता है।

और जो पाया, सम्भाला जाता नहीं।

क्यू अजीब-सी ये जिंदगी,

कोई सुलझा पाता नहीं।


 

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