भारतीय संस्कृति में होली का परिदृश्य
भारतीय संस्कृति में होली का परिदृश्य डा० जी० भक्त भारतीय धार्मिक त्योहारों में, देख भैयासतयुग में होलिका दहन का इतिहास हैतब से प्रचलित पर्व घर-घर में,छाया हर्ष, बाल वृद्ध युवक…
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हिंदी कविता
भारतीय संस्कृति में होली का परिदृश्य डा० जी० भक्त भारतीय धार्मिक त्योहारों में, देख भैयासतयुग में होलिका दहन का इतिहास हैतब से प्रचलित पर्व घर-घर में,छाया हर्ष, बाल वृद्ध युवक…
कैसे मनेगी होली डा० जी० भक्त कोई पूछता है होली का हवाला ।यहाँ तो पॉकिट रहता है दिवाला।।कहते है जब से कोरोना आया।देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा पाला।।मिट नहीं रहा…
सत्यमेव जयते डा० जी० भक्त सदा सत्य की ही विजय होती है।गुलामी का गम और गौरव का दमइस हेतु भारत रहा विनम्रसच कहते हैकिकुछ बात है कि हस्तो मिटती नहीं…
आर्त नाद डा० जी० भक्त नहीं कथानक, व्यंगवाणयह है कलियुग का ।देता है युग बोध हमें,युगधर्म आज काइसे अन्यथा लेना नहीं,समझना दिल से ।आजादी जो ली हमने,सत्य अहिंसा और नम्रता,दुहराना…
लड़का-लड़की भी दोस्त हो सकते हैं दिव्यांशु आनंद (जहानाबाद, बिहार) सालों से जानता था मैं उसे ।अजी!अच्छी दोस्त थी वो मेरी ।। अच्छी दोस्त होने का ,हर फ़र्ज़ वो निभाती…
गणतंत्रोत्सव वसंतोत्सव राष्ट्रीय-सह-धार्मिक -: महोत्सव :- 26 जनवरी, माघ वसन्त पंचमी डा० जी० भक्त गणतन्त्रदिवसझण्डोत्सव और वसतोत्सव,लेकिन हमसब विवशमनाएँ कैसे उत्सव ?हे भारत माते, विद्यात, विद्यादातृ ।जन गण के उत्थान…