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admin | MY XITIZ POETRY | Page 10 of 15

Author: admin

आर्त नाद,

आर्त नाद डा० जी० भक्त नहीं कथानक, व्यंगवाणयह है कलियुग का ।देता है युग बोध हमें,युगधर्म आज काइसे अन्यथा लेना नहीं,समझना दिल से ।आजादी जो ली हमने,सत्य अहिंसा और नम्रता,दुहराना…

लड़का-लड़की भी दोस्त हो सकते हैं

लड़का-लड़की भी दोस्त हो सकते हैं दिव्यांशु आनंद (जहानाबाद, बिहार) सालों से जानता था मैं उसे ।अजी!अच्छी दोस्त थी वो मेरी ।। अच्छी दोस्त होने का ,हर फ़र्ज़ वो निभाती…

गणतंत्रोत्सव वसंतोत्सव राष्ट्रीय-सह-धार्मिक

गणतंत्रोत्सव वसंतोत्सव राष्ट्रीय-सह-धार्मिक -: महोत्सव :- 26 जनवरी, माघ वसन्त पंचमी डा० जी० भक्त गणतन्त्रदिवसझण्डोत्सव और वसतोत्सव,लेकिन हमसब विवशमनाएँ कैसे उत्सव ?हे भारत माते, विद्यात, विद्यादातृ ।जन गण के उत्थान…

Jan Hunkar (A Short Poetry) / जन हुंकार ( एक लघु काव्य ) लेखक- डा. जी. भक्त

जन हुंकार ( एक लघु काव्य ) प्रसिद्ध गाधीवादी सामाजिक कार्यकर्त्ता भारतीय आत्मा अन्ना हजारे की संस्था इंडिया एगेन्स्ट कोरप्शन को यह काव्य रचना समर्पित हैं, जहा से भ्रष्टाचार नियंत्रण…

मैं कर रही हूँ इंतजार यहाँ

मैं कर रही हूँ इंतजार यहाँ श्वेता सिन्हा (पटना, बिहार) मैं कर रही हूँइंतजार यहाँ,इस बार जो आओ मिलनेतो खुद को पुरा लाना। खामोशियों में इश्क़ थोड़ाकम ठहरता है,तो आते…

तुम मेरे लिए क्या हो

तुम मेरे लिए क्या हो ? पल्लवी कुमारी (पूर्णिया, बिहार) तपते मरुस्थल में बूंद-ए प्यास हो,थकते कदमों को दी जाने वाली आस हो।अंधेरे में दिखाती रोशनी को पिया हो,क्या बताऊं…